Wednesday, May 14, 2014

अहसास...एक अनवरत इल्तिजा

जब तू आई तो ख्वाब आया
मेरे दिल में कुछ ,
पहले न था...!

तुममें ही खुद को पूरा पाया
ऐसा  मैं
पहले न था

तुमसे ही जीवन बदला है
ऐसा बदलाव
पहले न था

खुद से ही जुड़ गया हूँ खुद मैं
ये जुड़ाव मुझमे
पहले न था

फक्कड़ था मन में मैं मोही नहीं
मौजों का प्यासा
पहले न था

ऐसी प्यास जो बुझे तो मिले चैन
ऐसे बेचैन मैं
पहले न था

@kki


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