जाने कितने दिन हुए ठीक से मैं सोया भी नहीं
पता नहीं क्या है जो मुझे हर रात जगाये रखता है ?
तुम न थी जीवन में तब भी नींद कोसों दूर थी मुझसे
तुम हो तो भी कुछ है ख़ास जो मुझे जगाये रखता है
क्या था मेरे दिल का हाल, जब तुम नहीं थी मेरे पास
जाने ऐसा क्या हुआ मेरे साथ,जो जगाये रखता है ?
ऐसी क्या पीड़ा की कोई नशा भी सुला न पाया गोया
गहरा है शायद वो राज जो मुझे जगाये रखता है
मुझे लोग पागल ही कहने लगे थे, हाँ पागल ही तो
क्या पागलपन का ये अहसास मुझे जगाये रखता है ?
दिल को किसी से लगाने की तमन्ना ही तो थी बस
तमन्ना पालना क्या गुनाह है जो मुझे जगाये रखता है
इसमें मेरा क्या दोष की जो हम मिल गए अचानक से
मिल गए तो बिछडन का अहसास मुझे जगाये रखता है
मेरी छोड़ मैं तुम्हारी सोचता हूँ के क्या होगा तेरे मन में
तेरे मन के करीब होने का आभास मुझे जगाये रखता है
दिल तो करता है रो दूँ और सो जाऊं तेरी गोद में ए आरज़ू
पर तेरी आँखों का ये अजब सा उजास मुझे जगाये रखता है
पता नहीं क्या है जो मुझे हर रात जगाये रखता है ?
तुम न थी जीवन में तब भी नींद कोसों दूर थी मुझसे
तुम हो तो भी कुछ है ख़ास जो मुझे जगाये रखता है
क्या था मेरे दिल का हाल, जब तुम नहीं थी मेरे पास
जाने ऐसा क्या हुआ मेरे साथ,जो जगाये रखता है ?
ऐसी क्या पीड़ा की कोई नशा भी सुला न पाया गोया
गहरा है शायद वो राज जो मुझे जगाये रखता है
मुझे लोग पागल ही कहने लगे थे, हाँ पागल ही तो
क्या पागलपन का ये अहसास मुझे जगाये रखता है ?
दिल को किसी से लगाने की तमन्ना ही तो थी बस
तमन्ना पालना क्या गुनाह है जो मुझे जगाये रखता है
इसमें मेरा क्या दोष की जो हम मिल गए अचानक से
मिल गए तो बिछडन का अहसास मुझे जगाये रखता है
मेरी छोड़ मैं तुम्हारी सोचता हूँ के क्या होगा तेरे मन में
तेरे मन के करीब होने का आभास मुझे जगाये रखता है
दिल तो करता है रो दूँ और सो जाऊं तेरी गोद में ए आरज़ू
पर तेरी आँखों का ये अजब सा उजास मुझे जगाये रखता है
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