Monday, April 28, 2014

शब्दों से आत्मा का क्रंदन (The Awakening)

जाने कितने दिन हुए ठीक से मैं सोया भी नहीं
पता नहीं क्या है जो मुझे हर रात जगाये रखता है ?

तुम न थी जीवन में तब भी नींद कोसों दूर थी मुझसे
तुम हो तो भी कुछ है ख़ास जो मुझे जगाये रखता है

क्या था मेरे दिल का हाल, जब तुम नहीं थी मेरे पास
जाने ऐसा क्या हुआ मेरे साथ,जो जगाये रखता है ?

ऐसी क्या पीड़ा की कोई नशा भी सुला न पाया गोया
गहरा है शायद वो राज जो मुझे जगाये रखता है

मुझे लोग पागल ही कहने लगे थे, हाँ पागल ही तो
क्या पागलपन का ये अहसास मुझे जगाये रखता है ?

दिल को किसी से लगाने की तमन्ना ही तो थी बस
तमन्ना पालना क्या गुनाह है जो मुझे जगाये रखता है

इसमें मेरा क्या दोष की जो हम मिल गए अचानक से
मिल गए तो बिछडन का अहसास मुझे जगाये रखता है

मेरी छोड़ मैं तुम्हारी सोचता हूँ के क्या होगा तेरे मन में
तेरे मन के करीब होने का आभास मुझे जगाये रखता है

दिल तो करता  है रो दूँ और सो जाऊं तेरी गोद में ए आरज़ू
पर तेरी आँखों का ये अजब सा उजास मुझे जगाये रखता है  



Thursday, April 24, 2014

हाल-ए-दिल (एक ख़याल,एक सवाल )

आज सुबह जब आँख खुली मेरी
वो ही रात का ख़याल दिल में पाया

जिस उम्मीद में रात को सोया था
उसे सुबह ५ बजे ही पूरा हुआ पाया

इसके मायने तलाशता मैं उठा
बालकनी में जाकर खड़ा हुआ

मोगरे पे नया फूल खिला था
कल का फूल वहीँ था पड़ा हुआ

मैंने उसे देखा और वो मुस्कुराया
मेरे दोस्त पैगाम ये तू ये कैसा लाया

अजब बेचैनी सी हुई दिल में फिर से
सही है या गलत समझ नहीं आया ?

Thursday, February 6, 2014

सरकारी आंकड़ो में उलझी भारतीय व्यवस्था .....


ये कुछ सरकारी  आंकड़े हैं जो भारतीय जनगणना विभाग ने ने जारी किये हैं -(२०११)

१.भारत में 60 लाख गाँव है जिनमे ३३ करोड़ परिवार है,घर है .
२. 47% परिवारों के पास घर में ही पानी की व्यवस्था है और 36% परिवार अपने घर से 500 मीटर की दूरी से       पानी लातें है.18% परिवार ऐसे हैं जो 500मीटर से भी अधिक दूर जाकर पानी लाते हैं.
३.58% परिवारों के पास नहाने की सुविधा है
४. 67% परिवारों के पास बिजली है,३१% परिवार केरोसिन का इस्तेमाल रोशनी करने के लिए करते हैं २% के पास वैकल्पिक उर्जा जैसे सौर उर्जा जैसे साधन हैं.
५. ४७% घरों के पास पक्के शोचालय है और ३६% के पास कच्चे पाखाने अभी भी ५३% लोगो के पास किसी भी तरह का शोचालय नहीं है .
६.६७% परिवार इंधन के लिए लकड़ी,गोबर के उपले,कोयला आदि पे निर्भर है जब के सिर्फ २९% परिवारों के पास LPG/PNG/BIOGAS है .और सिर्फ ३% परिवार केरोसिन पे निर्भर है.
७. २०% घरों के पास रेडिओ ,४७% के पास टीवी है जबके सिर्फ ९% के पास कम्पूटर या लैपटॉप है जिनमे से ३% के पास इन्टरनेट है.
८.६३% परिवारों के पास टेलीफ़ोन या मोबाइल है जिनके ५९% के पास मोबाईल है .
९.सिर्फ ५% परिवारों के पास चौपहिया वहां है और २१% घर दुपहिया वहां रखते हैं जब के ४५% के पास साईकिल है
१०. १८% परिवार ऐसे हैं जिनके पास कोई भी सम्पति है नहीं है
११.सरकार ने बुधवार को कहा कि देश में गरीबों की संख्या वर्ष 2011-12 में 27 करोड़ रह गई।







Tuesday, February 4, 2014

माँ की याद

घर(माँ) से दूर रह रहे मुझ जैसे लोगो को समर्पित... माँ की याद आजकल तबियत जो मेरी नासाज रहती है वो ठीक तो है न बाबा से रोज माँ कहती है
जाने कौन देता है खबर मेरी उसको वहाँ मैं तो खुद से भी शिकायत नहीं करता यहाँ तू क्यूँ होती है परेशान मत हुआ कर माँ तेरे माथे पे चिंता भी बीमार करती है माँ मैं ठीक हूँ देख लिख रहा हूँ न तुझे ख़त तू अपना खयाल रख मेरी चिंता कर मत जिन्दगी तू और कितना सताएगी माँ को मैं ठीक हूँ ये भरोसा कब दिलाएगी माँ को...

Friday, January 3, 2014

असमंजस

पिछले जीवन की आपाधापी से परेशां सा होकर मैं जैसे तैसे पिछले महीने मुंबई आया . मुंबई जहाँ मैं हमेशा से आना चाहता था मुंबई जो मेरे सबसे करीब का शहर है जहाँ आके मुझे आत्म्सिस्वास मिलता है जीवन में कुछ कर गुजरने का . सब सही जा रहा था अपनी पूर्व योजना के अनुरूप मैं मुंबई आया अपने ख़ास दिसत के साथ काम धंधा करने को उसने पूरी गर्मजोशी के साथ मेरा स्वागत किया मुझे अपने दफ्तर की मुख्य कुर्सी सोंपी और हो गया मेरे साथ मानो मेरे बिना वो अधुरा ही बैठा था..मुझे अच्छा लगा बहुत अच्छा पर शायद कही किसी को ये गलत नागवार लग रहा था पर क्यूँ ? मेरे सबसे ख़ास दोस्त के साथ काम करने से किसी को क्या दिक्कत हो सकती है ?