घर(माँ) से दूर रह रहे मुझ जैसे लोगो को समर्पित...
माँ की याद
आजकल तबियत जो मेरी नासाज रहती है
वो ठीक तो है न बाबा से रोज माँ कहती है
जाने कौन देता है खबर मेरी उसको वहाँ मैं तो खुद से भी शिकायत नहीं करता यहाँ तू क्यूँ होती है परेशान मत हुआ कर माँ तेरे माथे पे चिंता भी बीमार करती है माँ मैं ठीक हूँ देख लिख रहा हूँ न तुझे ख़त तू अपना खयाल रख मेरी चिंता कर मत जिन्दगी तू और कितना सताएगी माँ को मैं ठीक हूँ ये भरोसा कब दिलाएगी माँ को...
जाने कौन देता है खबर मेरी उसको वहाँ मैं तो खुद से भी शिकायत नहीं करता यहाँ तू क्यूँ होती है परेशान मत हुआ कर माँ तेरे माथे पे चिंता भी बीमार करती है माँ मैं ठीक हूँ देख लिख रहा हूँ न तुझे ख़त तू अपना खयाल रख मेरी चिंता कर मत जिन्दगी तू और कितना सताएगी माँ को मैं ठीक हूँ ये भरोसा कब दिलाएगी माँ को...
No comments:
Post a Comment